अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं मागा पाइअ बिधि पाहीं। ए रखिअहिं सखि आँखिन्ह माहीं।।
मूल पाठ
जौं मागा पाइअ बिधि पाहीं। ए रखिअहिं सखि आँखिन्ह माहीं।।
जे नर नारि न अवसर आए। तिन्ह सिय रामु न देखन पाए।।
स्रोत अभिलेख 2.121 · पुस्तक पृ. 444, 444
भावार्थ
मूल पाठ के बादयदि ब्रह्मासे माँगे मिले तो हे सखि! [हम तो उनसे माँगकर] इन्हें अपनी आँखोंमें ही रखें! जो स्त्री-पुरुष इस अवसरपर नहीं आये, वे श्रीसीतारामजीको नहीं देख सके॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 444 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं मागा पाइअ बिधि पाहीं। ए रखिअहिं सखि आँखिन्ह माहीं।।
English explanation
Friend, if asking the Creator could obtain our wish, we would keep these travelers within our very eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| मागा | माँगने पर; माँगी हुई वस्तु | by asking; what is requested |
| पाइअ | पाया जा सके | could be obtained |
| बिधि | विधाता | the Creator |
| पाहीं | से; के पास | from; with |
| ए | इन्हें | these travelers |
| रखिअहिं | रख लें | would keep |
| सखि | हे सखी | dear friend |
| आँखिन्ह | आँखों | the eyes |
| माहीं | में | within |
2 जे नर नारि न अवसर आए। तिन्ह सिय रामु न देखन पाए।।
English explanation
The men and women who did not arrive in time were unable to see Sita and Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | those who |
| नर | पुरुष | men |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| न | नहीं | not |
| अवसर | समय पर | in time |
| आए | आए | arrived |
| तिन्ह | उन्होंने; वे | they |
| सिय | सीता को | Sita, Rama's wife |
| रामु | राम को | Rama |
| न | नहीं | not |
| देखन | देख | to see |
| पाए | सके | were able |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 444
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 444, 444
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।