अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जेहि बिधि अवध आव फिरि सीया। सोइ रघुबरहि तुम्हहि करनीया।।
मूल पाठ
जेहि बिधि अवध आव फिरि सीया। सोइ रघुबरहि तुम्हहि करनीया।।
नतरु निपट अवलंब बिहीना। मैं न जिअब जिमि जल बिनु मीना।।
स्रोत अभिलेख 2.96 · पुस्तक पृ. 422, 423
भावार्थ
मूल पाठ के बादअतएव जिस तरह सीता अयोध्याको लौट आवें, तुमको और श्रीरामचन्द्रजीको वही उपाय करना चाहिये। नहीं तो मैं बिलकुल ही बिना सहारेका होकर वैसे ही नहीं जीऊँगा जैसे बिना जलके मछली नहीं जीती॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 423 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जेहि बिधि अवध आव फिरि सीया। सोइ रघुबरहि तुम्हहि करनीया।।
English explanation
O Rama, foremost of Raghu’s line, you should take whatever measure will bring Sita back to Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस | by whichever |
| बिधि | उपाय से | means |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| आव | आएँ | may come |
| फिरि | लौटकर | back |
| सीया | सीता | Sita |
| सोइ | वही उपाय | that very measure |
| रघुबरहि | हे रघुश्रेष्ठ राम | O Rama, foremost of Raghu’s line |
| तुम्हहि | आपको ही | you yourself must |
| करनीया | करना चाहिए | undertake |
2 नतरु निपट अवलंब बिहीना। मैं न जिअब जिमि जल बिनु मीना।।
English explanation
Otherwise, utterly bereft of support, I shall not survive, like a fish without water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नतरु | नहीं तो | otherwise |
| निपट | बिलकुल | utterly |
| अवलंब | सहारे से | of support |
| बिहीना | विहीन | bereft |
| मैं | मैं | I |
| न | नहीं | not |
| जिअब | जीवित रहूँगा | shall survive |
| जिमि | जैसे | like |
| जल | जल | water |
| बिनु | के बिना | without |
| मीना | मछली | a fish |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.96
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 423
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-निषाद-संवाद, श्रीराम-सीतासे सुमन्त्रका संवाद, सुमन्त्रका लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 422, 423
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।