अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जेहिं राउर अति अनभल ताका। सोइ पाइहि यहु फलु परिपाका।।
मूल पाठ
जेहिं राउर अति अनभल ताका। सोइ पाइहि यहु फलु परिपाका।।
जब तें कुमत सुना मैं स्वामिनि। भूख न बासर नींद न जामिनि।।
स्रोत अभिलेख 2.21 · पुस्तक पृ. 360, 361
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिसने तुम्हारी बुराई चाही है, वही परिणाममें यह (बुराईरूप) फल पायेगी। हे स्वामिनि! मैंने जबसे यह कुमत सुना है, तबसे मुझे न तो दिनमें कुछ भूख लगती है और न रातमें नींद ही आती है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 361 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जेहिं राउर अति अनभल ताका। सोइ पाइहि यहु फलु परिपाका।।
English explanation
Whoever has sought great harm for you will himself receive this fully ripened fruit of his actions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहिं | जिसने | whoever |
| राउर | तुम्हारा | your |
| अति | बहुत; अत्यंत | great; extreme |
| अनभल | अहित; बुरा | harm; ill |
| ताका | चाहा; लक्ष्य बनाया | sought; aimed at |
| सोइ | वही | that very person |
| पाइहि | पाएगा | will receive |
| यहु | यह | this |
| फलु | फल; परिणाम | fruit; consequence |
| परिपाका | पूर्णतः पका हुआ | fully ripened |
2 जब तें कुमत सुना मैं स्वामिनि। भूख न बासर नींद न जामिनि।।
English explanation
Mistress, ever since I heard of this malicious plan, I have had no appetite by day and no sleep by night.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| तें | से | since |
| कुमत | बुरी योजना; दुर्बुद्धि की बात | malicious plan; evil counsel |
| सुना | सुनी | heard |
| मैं | मैंने | I |
| स्वामिनि | हे स्वामिनी; कैकेयी | O mistress, Kaikeyi |
| भूख | भूख | appetite |
| न | नहीं | no |
| बासर | दिन में | by day |
| नींद | नींद | sleep |
| न | नहीं | no |
| जामिनि | रात में | by night |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 361
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 360, 361
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।