अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जेठ स्वामि सेवक लघु भाई। यह दिनकर कुल रीति सुहाई।।
मूल पाठ
जेठ स्वामि सेवक लघु भाई। यह दिनकर कुल रीति सुहाई।।
राम तिलकु जौं साँचेहुँ काली। देउँ मागु मन भावत आली।।
स्रोत अभिलेख 2.15 · पुस्तक पृ. 355, 356
भावार्थ
मूल पाठ के बादबड़ा भाई स्वामी और छोटा भाई सेवक होता है। यह सूर्यवंशकी सुहावनी रीति ही है। यदि सचमुच कल ही श्रीरामका तिलक है, तो हे सखी! तेरे मनको अच्छी लगे वही वस्तु माँग ले, मैं दूँगी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 355 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जेठ स्वामि सेवक लघु भाई। यह दिनकर कुल रीति सुहाई।।
English explanation
The elder brother is the lord and the younger brother his servant; this is the noble custom of the solar dynasty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेठ | बड़ा भाई | elder brother |
| स्वामि | स्वामी; अधिपति | lord; master |
| सेवक | सेवक | servant |
| लघु | छोटा | younger |
| भाई | भाई | brother |
| यह | यह | this |
| दिनकर | सूर्य | the sun |
| कुल | वंश | dynasty |
| रीति | परंपरा; रीति | custom; tradition |
| सुहाई | सुंदर; शोभनीय | beautiful; noble |
2 राम तिलकु जौं साँचेहुँ काली। देउँ मागु मन भावत आली।।
English explanation
Friend, if Rama’s royal consecration really is tomorrow, ask for whatever you desire; I will give it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का | of Rama |
| तिलकु | राजतिलक; राजाभिषेक | royal consecration |
| जौं | यदि | if |
| साँचेहुँ | सचमुच | really; truly |
| काली | कल | tomorrow |
| देउँ | मैं दूँगी | I will give |
| मागु | माँग | ask for |
| मन | मन को | to your heart |
| भावत | भानेवाला; पसंद आनेवाला | pleasing; desired |
| आली | हे सखी | O friend |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 355
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 355, 356
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।