अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छेत्र अगम गढ़ु गाढ़ सुहावा। सपनेहुँ नहिं प्रतिपच्छिन्ह पावा।।
मूल पाठ
छेत्र अगम गढ़ु गाढ़ सुहावा। सपनेहुँ नहिं प्रतिपच्छिन्ह पावा।।
सेन सकल तीरथ बर बीरा। कलुष अनीक दलन रनधीरा।।
स्रोत अभिलेख 2.105 · पुस्तक पृ. 430, 431
भावार्थ
मूल पाठ के बादप्रयाग क्षेत्र ही दुर्गम, मजबूत और सुन्दर गढ़ (किला) है, जिसको स्वप्नमें भी [पापरूपी] शत्रु नहीं पा सके हैं। सम्पूर्ण तीर्थ ही उसके श्रेष्ठ वीर सैनिक हैं, जो पापकी सेनाको कुचल डालनेवाले और बड़े रणधीर हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 430 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 छेत्र अगम गढ़ु गाढ़ सुहावा। सपनेहुँ नहिं प्रतिपच्छिन्ह पावा।।
English explanation
This sacred precinct is an inaccessible, strong, and lovely fortress, which adversaries could not gain even in a dream.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छेत्र | तीर्थक्षेत्र | sacred precinct |
| अगम | दुर्गम; पहुँच से परे | inaccessible |
| गढ़ु | किला | fortress |
| गाढ़ | सुदृढ़ | strongly fortified |
| सुहावा | सुंदर | lovely |
| सपनेहुँ | स्वप्न में भी | even in a dream |
| नहिं | नहीं | not |
| प्रतिपच्छिन्ह | विरोधियों ने | adversaries |
| पावा | पाया; अधिकार में लिया | gained; captured |
2 सेन सकल तीरथ बर बीरा। कलुष अनीक दलन रनधीरा।।
English explanation
All pilgrimage places are the outstanding warriors of his army—steadfast in battle and destroyers of the armies of sin.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सेन | सेना | army |
| सकल | सभी | all |
| तीरथ | तीर्थ | pilgrimage places |
| बर | श्रेष्ठ | excellent |
| बीरा | वीर योद्धा | valiant warriors |
| कलुष | पापों की | of sins |
| अनीक | सेना | army |
| दलन | नष्ट करने वाले | destroyers |
| रनधीरा | युद्ध में धीर योद्धा | warriors steadfast in battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.105
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 430
- सहायक विषय
- प्रयाग पहुँचना, श्रीराम-भरद्वाज-संवाद, यमुनातीरनिवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 430, 431
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।