अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू।।
मूल पाठ
चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू।।
सैलु सुहावन कानन चारू। करि केहरि मृग बिहग बिहारू।।
स्रोत अभिलेख 2.132 · पुस्तक पृ. 453, 454
भावार्थ
मूल पाठ के बादआप चित्रकूट पर्वतपर निवास कीजिये, वहाँ आपके लिये सब प्रकारकी सुविधा है। सुहावना पर्वत है और सुन्दर वन है। वह हाथी, सिंह, हिरन और पक्षियोंका विहारस्थल है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 453 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू।।
English explanation
Make your dwelling on Mount Chitrakoot. There you will have every kind of convenience.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चित्रकूट | चित्रकूट नामक | Chitrakoot |
| गिरि | पर्वत पर | on the mountain |
| करहु | कीजिए | make |
| निवासू | निवास | your dwelling |
| तहँ | वहाँ | there |
| तुम्हार | आपके लिए | for you |
| सब | सब | every |
| भाँति | प्रकार से | in every way |
| सुपासू | सुविधा; अनुकूल व्यवस्था | convenience; favorable provision |
2 सैलु सुहावन कानन चारू। करि केहरि मृग बिहग बिहारू।।
English explanation
The mountain is lovely and the forest beautiful; elephants, lions, deer, and birds roam there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सैलु | पर्वत | the mountain |
| सुहावन | मनोहर | lovely |
| कानन | वन | the forest |
| चारू | सुंदर | beautiful |
| करि | हाथी | elephants |
| केहरि | सिंह | lions |
| मृग | हिरण | deer |
| बिहग | पक्षी | birds |
| बिहारू | विहार; विचरण | roaming; a place to roam |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.132
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 453
- सहायक विषय
- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 453, 454
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।