अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि मुनिबर भवन देखाए। बचन सप्रेम राम मन भाए।।
मूल पाठ
एहि बिधि मुनिबर भवन देखाए। बचन सप्रेम राम मन भाए।।
कह मुनि सुनहु भानुकुलनायक। आश्रम कहउँ समय सुखदायक।।
स्रोत अभिलेख 2.132 · पुस्तक पृ. 453, 454
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार मुनिश्रेष्ठ वाल्मीकिजीने श्रीरामचन्द्रजीको घर दिखाये। उनके प्रेमपूर्ण वचन श्रीरामजीके मनको अच्छे लगे। फिर मुनिने कहा—हे सूर्यकुलके स्वामी! सुनिये, अब मैं इस समयके लिये सुखदायक आश्रम कहता हूँ (निवासस्थान बतलाता हूँ)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 453 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 एहि बिधि मुनिबर भवन देखाए। बचन सप्रेम राम मन भाए।।
English explanation
AI draft interpretation: In this way, the eminent sage indicated places to dwell. His loving words pleased Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि ने | the eminent sage |
| भवन | निवास के स्थान | places to dwell |
| देखाए | दिखाए; बताए | showed; indicated |
| बचन | वचन | words |
| सप्रेम | प्रेम से भरे | full of love |
| राम | राम के | Rama’s |
| मन | मन को | heart |
| भाए | अच्छे लगे | pleased |
2 कह मुनि सुनहु भानुकुलनायक। आश्रम कहउँ समय सुखदायक।।
English explanation
The sage said, “Listen, O leader of the solar dynasty. I shall tell you of a dwelling suited to give comfort in your present circumstances.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| मुनि | मुनि ने | the sage |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| भानुकुलनायक | हे सूर्यवंश के नायक राम | O Rama, leader of the solar dynasty |
| आश्रम | निवास-स्थान; आश्रम | dwelling; hermitage |
| कहउँ | मैं बताता हूँ | I shall tell |
| समय | इस समय या परिस्थिति में | in the present circumstances |
| सुखदायक | सुख देने वाला | giving comfort |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.132
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 453
- सहायक विषय
- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 453, 454
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।