अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गुरतिय पद बंदे दुहु भाई। सहित बिप्रतिय जे सँग आई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दफिर दोनों भाइयोंने ब्राह्मणोंकी ियोंसहित—जो भरतजीके साथ आयी थीं, गुरुजीकी पत्नी अरुन्धतीजीके चरणोंकी वन्दना की और उन सबका गङ्गाजी तथा गौरीजीके समान सम्मान किया। वे सब आनन्दित होकर कोमल वाणीसे आशीर्वाद देने लगीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 547 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गुरतिय पद बंदे दुहु भाई। सहित बिप्रतिय जे सँग आई।।
गंग गौरि सम सब सनमानीं।।देहिं असीस मुदित मृदु बानी।।
स्रोत अभिलेख 2.245 · पुस्तक पृ. 547, 548
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गुरतिय पद बंदे दुहु भाई। सहित बिप्रतिय जे सँग आई।।
English explanation
Both brothers bowed at the feet of the guru’s wife and the Brahmin women who had come with her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुरतिय | गुरु की पत्नी | the guru’s wife |
| पद | चरण | feet |
| बंदे | प्रणाम किया | bowed to |
| दुहु | दोनों | both |
| भाई | भाई—राम और लक्ष्मण | brothers—Rama and Lakshmana |
| सहित | के साथ-साथ | along with |
| बिप्रतिय | ब्राह्मणों की पत्नियाँ | Brahmins’ wives |
| जे | जो | who |
| सँग | साथ | with her |
| आई | आई थीं | had come |
2 गंग गौरि सम सब सनमानीं।।देहिं असीस मुदित मृदु बानी।।
English explanation
They honored all the women as they would Ganga and Gauri. The women joyfully gave blessings in gentle words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गंग | गंगा देवी | the goddess Ganga |
| गौरि | गौरी देवी—पार्वती | Gauri, the goddess Parvati |
| सम | के समान | like |
| सब | सभी स्त्रियों को | all the women |
| सनमानीं | सम्मान दिया | honored |
| देहिं | देती हैं | give |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| मुदित | प्रसन्न होकर | joyfully |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी में | in words |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.245
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 547
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 547, 548
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