अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा। जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा।।
मूल पाठ
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा। जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा।।
राम भगत प्रिय लागहिं जेही। तेहि उर बसहु सहित बैदेही।।
स्रोत अभिलेख 2.131 · पुस्तक पृ. 452, 453
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो गुणोंको आपका और दोषोंको अपना समझता है, जिसे सब प्रकारसे आपका ही भरोसा है, और रामभक्त जिसे प्यारे लगते हैं, उसके हृदयमें आप सीतासहित निवास कीजिये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 453 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा। जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा।।
English explanation
One who recognizes your virtues and their own faults, and relies on you in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुन | गुण | virtues |
| तुम्हार | आपके | your |
| समुझइ | समझता है | recognizes |
| निज | अपने | one's own |
| दोसा | दोष | faults |
| जेहि | जिसे | who has |
| सब | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | way |
| तुम्हार | आपका | in you |
| भरोसा | विश्वास और सहारा | trust and reliance |
2 राम भगत प्रिय लागहिं जेही। तेहि उर बसहु सहित बैदेही।।
English explanation
Dwell with Sita in the heart of one who holds Rama's devotees dear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| भगत | भक्त | devotees |
| प्रिय | प्यारे | dear |
| लागहिं | लगते हैं | seem |
| जेही | जिसे | to whom |
| तेहि | उसके | that person's |
| उर | हृदय में | in the heart |
| बसहु | निवास कीजिए | please dwell |
| सहित | साथ | together with |
| बैदेही | सीता, विदेह की राजकुमारी | Sita, princess of Videha |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.131
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 453
- सहायक विषय
- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 452, 453
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