अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गा चह पार जतनु हियँ हेरा। पावति नाव न बोहितु बेरा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह [उस समुद्रके] पार जाना चाहती है, इसके लिये उसने हृदयमें उपाय भी ढूँढ़े! पर [उसे पार करनेका साधन] नाव, जहाज या बेड़ा कुछ भी नहीं पाती। भरतजीकी बड़ाई और कौन करेगा? तलैयाकी सीपीमें भी कहीं समुद्र समा सकता है?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 558 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गा चह पार जतनु हियँ हेरा। पावति नाव न बोहितु बेरा।।
औरु करिहि को भरत बड़ाई। सरसी सीपि कि सिंधु समाई।।
स्रोत अभिलेख 2.257 · पुस्तक पृ. 558, 558
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 गा चह पार जतनु हियँ हेरा। पावति नाव न बोहितु बेरा।।
English explanation
That intellect wishes to cross and searches inwardly for a means, but finds neither a boat, a ship, nor a raft.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गा | जाना | to go |
| चह | चाहती है | wishes |
| पार | पार | across |
| जतनु | उपाय | a means |
| हियँ | हृदय में | within the heart |
| हेरा | खोजती है | searches for |
| पावति | पाती है | finds |
| नाव | नाव | a boat |
| न | नहीं | not |
| बोहितु | जहाज | a ship |
| बेरा | बेड़ा | a raft |
2 औरु करिहि को भरत बड़ाई। सरसी सीपि कि सिंधु समाई।।
English explanation
Who else, then, can adequately praise Bharata? Can the ocean fit into a small pond or an oyster shell?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| औरु | और कोई | anyone else |
| करिहि | करेगा | will offer |
| को | कौन | who |
| भरत | भरत की | Bharata’s |
| बड़ाई | प्रशंसा | praise |
| सरसी | छोटे सरोवर में | in a small pond |
| सीपि | सीप में | in an oyster shell |
| कि | क्या | can … ? |
| सिंधु | समुद्र | the ocean |
| समाई | समा सकता है | be contained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.257
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 558
- सहायक विषय
- श्रीवसिष्ठजीका भाषण
- मुद्रित पृष्ठ
- 558, 558
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