अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
खबरि लीन्ह सब लोग नहाए। कीन्ह प्रनामु त्रिबेनिहिं आए।।
मूल पाठ
खबरि लीन्ह सब लोग नहाए। कीन्ह प्रनामु त्रिबेनिहिं आए।।
सबिधि सितासित नीर नहाने। दिए दान महिसुर सनमाने।।
स्रोत अभिलेख 2.204 · पुस्तक पृ. 512, 513
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब भरतजीने यह पता पा लिया कि सब लोग स्नान कर चुके, तब त्रिवेणीपर आकर उन्हें प्रणाम किया। फिर विधिपूर्वक [गङ्गा-यमुनाके] श्वेत और श्याम जलमें स्नान किया और दान देकर ब्राह्मणोंका सम्मान किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 513 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 खबरि लीन्ह सब लोग नहाए। कीन्ह प्रनामु त्रिबेनिहिं आए।।
English explanation
Everyone learned the news and bathed. Bharata came to the Triveni confluence and bowed in reverence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खबरि | समाचार; हाल | news; information |
| लीन्ह | जान लिया | learned; obtained |
| सब | सभी | all |
| लोग | लोग | people |
| नहाए | स्नान किया | bathed |
| कीन्ह | किया | made; performed |
| प्रनामु | प्रणाम | a reverential bow |
| त्रिबेनिहिं | त्रिवेणी पर | at the Triveni confluence |
| आए | आए | came |
2 सबिधि सितासित नीर नहाने। दिए दान महिसुर सनमाने।।
English explanation
Bharata bathed according to prescribed rites in the white and dark waters, gave gifts, and honored the Brahmins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबिधि | विधिपूर्वक | according to prescribed rites |
| सितासित | श्वेत और श्याम | white and dark |
| नीर | जल | waters |
| नहाने | स्नान किया | bathed |
| दिए | दिए | gave |
| दान | दान | charitable gifts |
| महिसुर | ब्राह्मणों को | the Brahmins |
| सनमाने | सम्मान किया | honored |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.204
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 513
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 512, 513
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।