अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
को साहिब सेवकहि नेवाजी। आपु समाज साज सब साजी।।
मूल पाठ
को साहिब सेवकहि नेवाजी। आपु समाज साज सब साजी।।
निज करतूति न समुझिअ सपनें। सेवक सकुच सोचु उर अपनें।।
स्रोत अभिलेख 2.299 · पुस्तक पृ. 593, 594
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसा सेवकपर कृपा करनेवाला स्वामी कौन है जो आप ही सेवकका सारा साज-सामान सज दे (उसकी सारी आवश्यकताओंको पूर्ण कर दे) और स्वप्रमें भी अपनी कोई करनी न समझकर (अर्थात् मैंने सेवकके लिये कुछ किया है ऐसा न जानकर) उलटा सेवकको संकोच होगा, इसका सोच अपने हृदयमें रखे!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 594 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 को साहिब सेवकहि नेवाजी। आपु समाज साज सब साजी।।
English explanation
What master so honors a servant and himself makes all the arrangements and provides everything needed?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| को | कौन | what |
| साहिब | स्वामी | master |
| सेवकहि | सेवक को | the servant |
| नेवाजी | सम्मान देकर | having honored |
| आपु | स्वयं | himself |
| समाज | आवश्यक सामग्री | necessary resources |
| साज | साज-सामान और व्यवस्था | equipment and arrangements |
| सब | सब | all |
| साजी | तैयार करता है | prepares |
2 निज करतूति न समुझिअ सपनें। सेवक सकुच सोचु उर अपनें।।
English explanation
You do not reckon your own deeds of kindness even in a dream, and you take the servant’s hesitation and anxiety to heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपने | one’s own |
| करतूति | किए हुए उपकारों को | deeds of kindness |
| न | नहीं | not |
| समुझिअ | ध्यान में रखते, गिनते | reckon or dwell upon |
| सपनें | सपने में भी | even in a dream |
| सेवक | सेवक का | the servant’s |
| सकुच | संकोच | hesitation or embarrassment |
| सोचु | चिंता | anxiety |
| उर | हृदय में | in the heart |
| अपनें | अपने | your own |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.299
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 594
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 593, 594
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।