अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोल किरात बेष सब आए। रचे परन तृन सदन सुहाए।।
मूल पाठ
कोल किरात बेष सब आए। रचे परन तृन सदन सुहाए।।
बरनि न जाहि मंजु दुइ साला। एक ललित लघु एक बिसाला।।
स्रोत अभिलेख 2.133 · पुस्तक पृ. 454, 455
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब देवता कोल-भीलोंके वेषमें आये और उन्होंने [दिव्य] पत्तों और घासोंके सुन्दर घर बना दिये। दो ऐसी सुन्दर कुटियाँ बनायीं जिनका वर्णन नहीं हो सकता। उनमें एक बड़ी सुन्दर छोटी- सी थी और दूसरी बड़ी थी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 455 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोल किरात बेष सब आए। रचे परन तृन सदन सुहाए।।
English explanation
They all came disguised as Kols and Kiratas and built lovely dwellings of leaves and grass.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोल | कोल वनवासी समुदाय का | of the Kol forest community |
| किरात | किरात वनवासी समुदाय का | of the Kirata forest community |
| बेष | वेश धारण करके | in the guise |
| सब | सभी देवता | all the gods |
| आए | आए | came |
| रचे | बनाए | built |
| परन | पत्तों के | of leaves |
| तृन | घास के | of grass |
| सदन | घर | dwellings |
| सुहाए | सुंदर | lovely |
2 बरनि न जाहि मंजु दुइ साला। एक ललित लघु एक बिसाला।।
English explanation
The beauty of the two lovely huts was beyond description—one was charming and small, the other spacious.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनि | वर्णन की | described |
| न | नहीं | not |
| जाहि | जा सकतीं | can be |
| मंजु | सुंदर | beautiful |
| दुइ | दो | two |
| साला | कुटियाँ | huts |
| एक | एक | one |
| ललित | मनोहर | charming |
| लघु | छोटी | small |
| एक | दूसरी | the other |
| बिसाला | बड़ी; विशाल | large; spacious |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.133
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 455
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 454, 455
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