अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोउ कह दूषनु रानिहि नाहिन। बिधि सबु कीन्ह हमहि जो दाहिन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकोई कहती हैं—इसमें रानीका भी दोष नहीं है। यह सब विधाताने ही किया है, जो हमारे अनुकूल है। कहाँ तो हम लोक और वेद दोनोंकी विधि (मर्यादा) से हीन, कुल और करतूत दोनोंसे मलिन तुच्छ स्त्रियाँ,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 529 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कोउ कह दूषनु रानिहि नाहिन। बिधि सबु कीन्ह हमहि जो दाहिन।।
कहँ हम लोक बेद बिधि हीनी। लघु तिय कुल करतूति मलीनी।।
स्रोत अभिलेख 2.223 · पुस्तक पृ. 529, 529
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोउ कह दूषनु रानिहि नाहिन। बिधि सबु कीन्ह हमहि जो दाहिन।।
English explanation
One woman says, ‘The queen is not to blame. Providence, which favors us, has done all this.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोउ | कोई स्त्री | one woman |
| कह | कहती है | says |
| दूषनु | दोष | blame |
| रानिहि | रानी कैकई को | to Queen Kaikeyi |
| नाहिन | नहीं है | does not belong |
| बिधि | विधाता | Providence; the creator |
| सबु | सब | everything |
| कीन्ह | किया | did |
| हमहि | हमारे प्रति | toward us |
| जो | जो | who |
| दाहिन | अनुकूल; कृपालु | favorable; gracious |
2 कहँ हम लोक बेद बिधि हीनी। लघु तिय कुल करतूति मलीनी।।
English explanation
How lowly we are—women of humble families, lacking worldly and Vedic observances, with impure conduct!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहँ | कहाँ | where; how far removed |
| हम | हम | we |
| लोक | लोकाचार | worldly custom |
| बेद | वेद | the Vedas |
| बिधि | विधि; नियम | observances; rules |
| हीनी | से रहित | lacking |
| लघु | छोटा; निम्न | humble; lowly |
| तिय | स्त्रियाँ | women |
| कुल | कुल; परिवार | family; lineage |
| करतूति | करनी; आचरण | deeds; conduct |
| मलीनी | मलिन; अशुद्ध | impure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.223
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 529
- सहायक विषय
- भरतजी चित्रकूटके मार्गमें
- मुद्रित पृष्ठ
- 529, 529
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