अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कै तापस तिय कानन जोगू। जिन्ह तप हेतु तजा सब भोगू।।
मूल पाठ
कै तापस तिय कानन जोगू। जिन्ह तप हेतु तजा सब भोगू।।
सिय बन बसिहि तात केहि भाँती। चित्रलिखित कपि देखि डेराती।।
स्रोत अभिलेख 2.6 · पुस्तक पृ. 393, 394
भावार्थ
मूल पाठ के बादअथवा तपस्वियोंकी स्त्रियाँ वनमें रहने योग्य हैं, जिन्होंने तपस्याके लिये सब भोग तज दिये हैं। हे पुत्र! जो तसवीरके बन्दरको देखकर डर जाती हैं वे सीता वनमें किस तरह रह सकेंगी?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 393 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कै तापस तिय कानन जोगू। जिन्ह तप हेतु तजा सब भोगू।।
English explanation
Or the wives of ascetics are suited to forest life, having renounced all pleasures for austerity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कै | अथवा | or |
| तापस | तपस्वियों की | of ascetics |
| तिय | स्त्रियाँ; पत्नियाँ | women; wives |
| कानन | वन के | for the forest |
| जोगू | योग्य; अनुकूल | suited; fit |
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| तप | तपस्या | austerity |
| हेतु | के लिए | for the sake of |
| तजा | त्याग दिया | renounced |
| सब | सभी | all |
| भोगू | भोग-सुख | worldly pleasures |
2 सिय बन बसिहि तात केहि भाँती। चित्रलिखित कपि देखि डेराती।।
English explanation
My son, how will Sita live in the forest? She is frightened even by a monkey depicted in a picture.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| बन | वन में | in the forest |
| बसिहि | रहेंगी | will live |
| तात | बेटा; प्रिय पुत्र | my dear son |
| केहि | किस | what |
| भाँती | प्रकार; रीति से | way; manner |
| चित्रलिखित | चित्र में चित्रित | depicted in a picture |
| कपि | बंदर | monkey |
| देखि | देखकर | on seeing |
| डेराती | डर जाती हैं | becomes frightened |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 393
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 393, 394
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