अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कैकयसुता सुनत कटु बानी। कहि न सकइ कछु सहमि सुखानी।।
मूल पाठ
कैकयसुता सुनत कटु बानी। कहि न सकइ कछु सहमि सुखानी।।
तन पसेउ कदली जिमि काँपी। कुबरीं दसन जीभ तब चाँपी।।
स्रोत अभिलेख 2.2 · पुस्तक पृ. 360, 360
भावार्थ
मूल पाठ के बादकैकेयी मन्थराकी कड़वी वाणी सुनते ही डरकर सूख गयी, कुछ बोल नहीं सकती। शरीरमें पसीना हो आया और वह केलेकी तरह काँपने लगी। तब कुबरी (मन्थरा)-ने अपनी जीभ दाँतों- तले दबायी (उसे भय हुआ कि कहीं भविष्यका अत्यन्त डरावना चित्र सुनकर कैकेयीके हृदयकी गति न रुक जाय; जिससे उलटा सारा काम ही बिगड़ जाय)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 360 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कैकयसुता सुनत कटु बानी। कहि न सकइ कछु सहमि सुखानी।।
English explanation
Hearing the harsh words, Kaikeyi, daughter of the king of Kekaya, became frightened and withered with distress; she could say nothing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कैकयसुता | कैकय की पुत्री कैकेयी | Kaikeyi, daughter of the king of Kekaya |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| कटु | कठोर | harsh |
| बानी | बातें | words |
| कहि | कह | say |
| न | नहीं | not |
| सकइ | सकती हैं | is able to |
| कछु | कुछ भी | anything |
| सहमि | डरकर | frightened |
| सुखानी | सूख-सी गईं | withered with distress |
2 तन पसेउ कदली जिमि काँपी। कुबरीं दसन जीभ तब चाँपी।।
English explanation
Her body broke into sweat, and she trembled like a banana plant. Then the hunchbacked Manthara pressed her tongue between her teeth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तन | शरीर | body |
| पसेउ | पसीना आ गया | broke into sweat |
| कदली | केले का पौधा | banana plant |
| जिमि | जैसे | like |
| काँपी | काँपने लगीं | trembled |
| कुबरीं | कुबड़ी मंथरा ने | the hunchbacked Manthara |
| दसन | दाँतों से | with her teeth |
| जीभ | अपनी जीभ | her tongue |
| तब | तब | then |
| चाँपी | दबाई | pressed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 360
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 360, 360
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।