अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कृपासिंधु लखि लोग दुखारे। निज सनेहँ सुरपति छल भारे।।
मूल पाठ
कृपासिंधु लखि लोग दुखारे। निज सनेहँ सुरपति छल भारे।।
सभा राउ गुर महिसुर मंत्री। भरत भगति सब कै मति जंत्री।।
स्रोत अभिलेख 2.303 · पुस्तक पृ. 597, 598
भावार्थ
मूल पाठ के बादकृपासिन्धु श्रीरामचन्द्रजीने लोगोंको अपने स्नेह और देवराज इन्द्रके भारी छलसे दुखी देखा। सभा, राजा जनक, गुरु, ब्राह्मण और मन्त्री आदि सभीकी बुद्धिको भरतजीकी भक्तिने कील दिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 597 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कृपासिंधु लखि लोग दुखारे। निज सनेहँ सुरपति छल भारे।।
English explanation
AI draft: Rama, the ocean of compassion, saw the people distressed by their affection for him and by Indra’s grievous deception.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपासिंधु | कृपा के सागर राम | Rama, the ocean of compassion |
| लखि | देखकर | seeing |
| लोग | लोगों को | the people |
| दुखारे | दुखी | distressed |
| निज | अपने | their own |
| सनेहँ | स्नेह के कारण | because of affection |
| सुरपति | देवताओं के राजा इंद्र के | of Indra, king of the gods |
| छल | छल से | through deception |
| भारे | भारी | grievous |
2 सभा राउ गुर महिसुर मंत्री। भरत भगति सब कै मति जंत्री।।
English explanation
In the assembly, the king, the preceptor, the Brahmins, and the ministers all had their minds held under the sway of Bharata’s devotion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभा | सभा में | in the assembly |
| राउ | राजा जनक | King Janaka |
| गुर | गुरु | the preceptor |
| महिसुर | ब्राह्मण | Brahmins |
| मंत्री | मंत्री | ministers |
| भरत | भरत की | Bharata’s |
| भगति | भक्ति | devotion |
| सब | सभी | everyone |
| कै | की | of |
| मति | बुद्धि | mind |
| जंत्री | वश में करने वाली | holding under its sway |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.303
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 597
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 597, 598
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।