अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीन्ह निमज्जनु तीरथराजा। नाइ मुनिहि सिरु सहित समाजा।।
मूल पाठ
कीन्ह निमज्जनु तीरथराजा। नाइ मुनिहि सिरु सहित समाजा।।
रिषि आयसु असीस सिर राखी। करि दंडवत बिनय बहु भाषी।।
स्रोत अभिलेख 2.216 · पुस्तक पृ. 523, 523
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[प्रात:काल] भरतजीने तीर्थराजमें स्नान किया और समाजसहित मुनिको सिर नवाकर और ऋषिकी आज्ञा तथा आशीर्वादको सिर चढ़ाकर दण्डवत् करके बहुत विनती की॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 523 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कीन्ह निमज्जनु तीरथराजा। नाइ मुनिहि सिरु सहित समाजा।।
English explanation
AI-draft meaning: Bharata bathed at Prayaga, the foremost pilgrimage site, and bowed his head to the sage along with his entire company.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्ह | किया | performed |
| निमज्जनु | स्नान; जल में डुबकी | bathing; immersion |
| तीरथराजा | तीर्थराज प्रयाग में | at Prayaga, foremost among pilgrimage sites |
| नाइ | नवाकर; झुकाकर | bowing |
| मुनिहि | मुनि भरद्वाज को | to the sage Bharadvaja |
| सिरु | सिर | head |
| सहित | साथ लेकर | together with |
| समाजा | समस्त साथ आए लोगों को | the assembled company |
2 रिषि आयसु असीस सिर राखी। करि दंडवत बिनय बहु भाषी।।
English explanation
Bharata reverently accepted the sage’s permission and blessings; prostrating himself, he made many humble submissions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिषि | ऋषि की | the sage’s |
| आयसु | आज्ञा; अनुमति | command; permission |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| सिर | सिर पर | upon his head |
| राखी | आदरपूर्वक धारण की | reverently received |
| करि | करके | having made |
| दंडवत | भूमि पर लेटकर प्रणाम | full prostration |
| बिनय | विनयपूर्ण निवेदन | humble submissions |
| बहु | बहुत | many |
| भाषी | कहे | spoke |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.216
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 523
- सहायक विषय
- भरद्वाजद्वारा भरतका सत्कार
- मुद्रित पृष्ठ
- 523, 523
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।