अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीन्ही मातु मिस काल कुचाली। ईति भीति जस पाकत साली।।
मूल पाठ
कीन्ही मातु मिस काल कुचाली। ईति भीति जस पाकत साली।।
केहि बिधि होइ राम अभिषेकू। मोहि अवकलत उपाउ न एकू।।
स्रोत अभिलेख 2.253 · पुस्तक पृ. 554, 555
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[भरतजी सोचते हैं कि] माताके मिससे कालने कुचाल की है। जैसे धानके पकते समय ईतिका भय आ उपस्थित हो। अब श्रीरामचन्द्रजीका राज्याभिषेक किस प्रकार हो, मुझे तो एक भी उपाय नहीं सूझ पड़ता॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 554 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कीन्ही मातु मिस काल कुचाली। ईति भीति जस पाकत साली।।
English explanation
AI draft: Fate used the mother as its instrument to work mischief, like the threat of calamity to ripening rice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्ही | की | worked |
| मातु | माता कैकेयी को | mother Kaikeyi |
| मिस | निमित्त बनाकर | as a pretext or instrument |
| काल | काल ने | fate |
| कुचाली | बुरी चाल | a malicious scheme |
| ईति | फसल नष्ट करने वाला उपद्रव | a crop-destroying calamity |
| भीति | भय या संकट | threat or danger |
| जस | जैसे | as when |
| पाकत | पकते हुए | ripening |
| साली | धान | rice crop |
2 केहि बिधि होइ राम अभिषेकू। मोहि अवकलत उपाउ न एकू।।
English explanation
How can Rama's coronation take place? I cannot think of even one way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केहि | किस | what |
| बिधि | विधि या उपाय से | by what means |
| होइ | हो | may take place |
| राम | राम का | of Rama |
| अभिषेकू | राज्याभिषेक | coronation |
| मोहि | मुझे | to me |
| अवकलत | सूझता | occurs to the mind |
| उपाउ | उपाय | a means |
| न | नहीं | not |
| एकू | एक भी | even one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.253
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 554
- सहायक विषय
- वनवासियोंद्वारा भरतजीकी मण्डलीका सत्कार, कैकेयीका पश्चात्ताप
- मुद्रित पृष्ठ
- 554, 555
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।