अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
का सुनाइ बिधि काह सुनावा। का देखाइ चह काह देखावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविधाताने क्या सुनाकर क्या सुना दिया और क्या दिखाकर अब वह क्या दिखाना चाहता है! एक कहते हैं कि राजाने अच्छा नहीं किया, दुर्बुद्धि कैकेयीको विचारकर वर नहीं दिया,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 383 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
का सुनाइ बिधि काह सुनावा। का देखाइ चह काह देखावा।।
एक कहहिं भल भूप न कीन्हा। बरु बिचारि नहिं कुमतिहि दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 2.48 · पुस्तक पृ. 383, 384
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 का सुनाइ बिधि काह सुनावा। का देखाइ चह काह देखावा।।
English explanation
AI draft: What had fate intended to announce, and what did it announce instead! What did it wish to show, and what did it show instead!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| का | क्या | what |
| सुनाइ | सुनाना | to announce |
| बिधि | विधाता ने | fate, the creator |
| काह | क्या | what |
| सुनावा | सुना दिया | actually announced |
| का | क्या | what |
| देखाइ | दिखाना | to show |
| चह | चाहता है | wishes |
| काह | क्या | what |
| देखावा | दिखा दिया | actually showed |
2 एक कहहिं भल भूप न कीन्हा। बरु बिचारि नहिं कुमतिहि दीन्हा।।
English explanation
Some say the king did not act wisely: he granted a boon to the misguided woman without considering it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | कुछ लोग | some people |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| भल | अच्छा | well |
| भूप | राजा ने | the king |
| न | नहीं | not |
| कीन्हा | किया | acted |
| बरु | वरदान | a boon |
| बिचारि | विचार करके | after considering |
| नहिं | नहीं | not |
| कुमतिहि | दुर्बुद्धि वाली कैकेयी को | to the misguided Kaikeyi |
| दीन्हा | दिया | gave |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.48
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 383
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 383, 384
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।