अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काम कोह मद मान न मोहा। लोभ न छोभ न राग न द्रोहा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिनके न तो काम, क्रोध, मद, अभिमान और मोह है; न लोभ है, न क्षोभ है; न राग है, न द्वेष है; और न कपट, दम्भ और माया ही है—हे रघुराज! आप उनके हृदयमें निवास कीजिये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 452 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
काम कोह मद मान न मोहा। लोभ न छोभ न राग न द्रोहा।।
जिन्ह कें कपट दंभ नहिं माया। तिन्ह कें हृदय बसहु रघुराया।।
स्रोत अभिलेख 2.13 · पुस्तक पृ. 452, 452
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 काम कोह मद मान न मोहा। लोभ न छोभ न राग न द्रोहा।।
English explanation
Those who have no lust, anger, arrogance, pride, or delusion, and no greed, agitation, attachment, or hostility.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काम | कामवासना | lust |
| कोह | क्रोध | anger |
| मद | मद; अहंकार का नशा | arrogance; intoxication with self-importance |
| मान | अभिमान | pride |
| न | नहीं | not; no |
| मोहा | मोह | delusion |
| लोभ | लालच | greed |
| न | नहीं | no |
| छोभ | क्षोभ; मन की व्याकुलता | agitation; mental disturbance |
| न | नहीं | no |
| राग | आसक्ति | attachment |
| न | नहीं | no |
| द्रोहा | द्वेष; शत्रुभाव | hostility; malice |
2 जिन्ह कें कपट दंभ नहिं माया। तिन्ह कें हृदय बसहु रघुराया।।
English explanation
O Rama, lord of the Raghu lineage, dwell in the hearts of those who have no deceit, hypocrisy, or guile.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन लोगों | those who |
| कें | में | in |
| कपट | कपट; छल | deceit |
| दंभ | दिखावा; पाखंड | pretence; hypocrisy |
| नहिं | नहीं | no; not |
| माया | छल-कपट | guile; deceptive artifice |
| तिन्ह | उन लोगों | those people |
| कें | के | of |
| हृदय | हृदय में | in the heart |
| बसहु | निवास कीजिए | please dwell |
| रघुराया | हे रघुकुल के राजा राम | O Rama, king of the Raghu lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 452
- सहायक विषय
- श्रीराम-वाल्मीकि-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 452, 452
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।