अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहि कहि कोटिक कथा प्रसंगा। रामु बिलोकहिं गंग तरंगा।।
मूल पाठ
कहि कहि कोटिक कथा प्रसंगा। रामु बिलोकहिं गंग तरंगा।।
सचिवहि अनुजहि प्रियहि सुनाई। बिबुध नदी महिमा अधिकाई।।
स्रोत अभिलेख 2.87 · पुस्तक पृ. 415, 416
भावार्थ
मूल पाठ के बादअनेक कथा-प्रसङ्ग कहते हुए श्रीरामजी गङ्गाजीकी तरङ्गोंको देख रहे हैं। उन्होंने मन्त्रीको, छोटे भाई लक्ष्मणजीको और प्रिया सीताजीको देवनदी गङ्गाजीकी बड़ी महिमा सुनायी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 415 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कहि कहि कोटिक कथा प्रसंगा। रामु बिलोकहिं गंग तरंगा।।
English explanation
As he recounts countless narrative episodes, Rama gazes at the waves of the Ganges.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहते | recounting |
| कहि | कहते हुए | as he continues recounting |
| कोटिक | करोड़ों, असंख्य | millions; countless |
| कथा | कथाओं के | of stories |
| प्रसंगा | प्रसंग, घटनाएँ | episodes |
| रामु | राम | Rama |
| बिलोकहिं | देखते हैं | gazes at |
| गंग | गंगा की | of the Ganges |
| तरंगा | तरंगें, लहरें | waves |
2 सचिवहि अनुजहि प्रियहि सुनाई। बिबुध नदी महिमा अधिकाई।।
English explanation
Rama told the minister Sumantra, his younger brother Lakshmana, and his beloved Sita of the surpassing glory of the Ganges, the river of the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सचिवहि | मंत्री सुमंत्र को | to the minister Sumantra |
| अनुजहि | छोटे भाई लक्ष्मण को | to his younger brother Lakshmana |
| प्रियहि | प्रिया सीता को | to his beloved Sita |
| सुनाई | सुनाई, बताई | recounted; told |
| बिबुध | देवताओं की | of the gods |
| नदी | नदी, गंगा | river, the Ganges |
| महिमा | महिमा, गौरव | glory; greatness |
| अधिकाई | अत्यधिक, महान | surpassing; immense |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 415
- सहायक विषय
- श्रीरामका शृङ्गवेरपुर पहुँचना, निषादके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 415, 416
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।