अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहु सुपेम प्रगट को करई। केहि छाया कबि मति अनुसरई।।
मूल पाठ
कहहु सुपेम प्रगट को करई। केहि छाया कबि मति अनुसरई।।
कबिहि अरथ आखर बलु साँचा। अनुहरि ताल गतिहि नटु नाचा।।
स्रोत अभिलेख 2.241 · पुस्तक पृ. 544, 545
भावार्थ
मूल पाठ के बादकहिये, उस श्रेष्ठ प्रेमको कौन प्रकट करे? कविकी बुद्धि किसकी छायाका अनुसरण करे? कविको तो अक्षर और अर्थका ही सच्चा बल है। नट तालकी गतिके अनुसार ही नाचता है!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 544 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहहु सुपेम प्रगट को करई। केहि छाया कबि मति अनुसरई।।
English explanation
Tell me, who can express this sublime love? What semblance of it could a poet’s intellect follow?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | बताओ | tell me |
| सुपेम | उत्तम प्रेम | sublime love |
| प्रगट | प्रकट | manifest; express |
| को | कौन | who |
| करई | कर सकता है | can make |
| केहि | किस | which |
| छाया | छाया; झलक | semblance; reflection |
| कबि | कवि की | the poet’s |
| मति | बुद्धि | intellect |
| अनुसरई | अनुसरण करे | could follow |
2 कबिहि अरथ आखर बलु साँचा। अनुहरि ताल गतिहि नटु नाचा।।
English explanation
Meaning and words are the poet’s true strength, just as a dancer dances by following beat and rhythm.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कबिहि | कवि के लिए | for the poet |
| अरथ | अर्थ; भाव | meaning; sense |
| आखर | अक्षर; शब्द | letters; words |
| बलु | बल; सहारा | strength; support |
| साँचा | सच्चा | true |
| अनुहरि | अनुसरण करके | following |
| ताल | ताल | musical beat |
| गतिहि | लय का | the rhythm |
| नटु | नर्तक | dancer |
| नाचा | नाचता है | dances |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.241
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 544
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 544, 545
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।