अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहि परसपर भा बड़ काजू। सकल चलै कर साजहिं साजू।।
मूल पाठ
कहहि परसपर भा बड़ काजू। सकल चलै कर साजहिं साजू।।
जेहि राखहिं रहु घर रखवारी। सो जानइ जनु गरदनि मारी।।
स्रोत अभिलेख 2.185 · पुस्तक पृ. 496, 497
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपसमें कहते हैं, बड़ा काम हुआ। सभी चलनेकी तैयारी करने लगे। जिसको भी घरकी रखवालीके लिये रहो, ऐसा कहकर रखते हैं, वही समझता है मानो मेरी गर्दन मारी गयी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 497 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहहि परसपर भा बड़ काजू। सकल चलै कर साजहिं साजू।।
English explanation
They tell one another that something greatly worthwhile has come about, and everyone prepares to depart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहि | कहते हैं | they say |
| परसपर | आपस में | to one another |
| भा | हुआ | has come about |
| बड़ | बड़ा | great |
| काजू | काम | undertaking |
| सकल | सब | everyone |
| चलै | चलने | departing |
| कर | का; के लिए | for |
| साजहिं | तैयार करते हैं | prepare |
| साजू | सामान; तैयारी | equipment; arrangements |
2 जेहि राखहिं रहु घर रखवारी। सो जानइ जनु गरदनि मारी।।
English explanation
Anyone told to stay behind to guard the house feels as though struck on the neck.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिसे | whomever |
| राखहिं | रोक रखते हैं | they keep back |
| रहु | रहो | stay |
| घर | घर की | of the house |
| रखवारी | रखवाली के लिए | to keep watch |
| सो | वह | that person |
| जानइ | समझता है | feels; considers |
| जनु | मानो | as though |
| गरदनि | गर्दन पर | on the neck |
| मारी | चोट मारी गई | a blow had been struck |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.185
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 497
- सहायक विषय
- अयोध्यावासियोंसहित श्रीभरत-शत्रुघ्न आदिका वनगमन
- मुद्रित पृष्ठ
- 496, 497
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।