अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहति न सीय सकुचि मन माहीं। इहाँ बसब रजनीं भल नाहीं।।
मूल पाठ
कहति न सीय सकुचि मन माहीं। इहाँ बसब रजनीं भल नाहीं।।
लखि रुख रानि जनायउ राऊ। हृदयँ सराहत सीलु सुभाऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.287 · पुस्तक पृ. 583, 584
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजी कुछ कहती नहीं हैं, परन्तु मनमें सकुचा रही हैं कि रातमें [सासुओंकी सेवा छोड़कर] यहाँ रहना अच्छा नहीं है। रानी सुनयनाजीने जानकीजीका रुख देखकर (उनके मनकी बात समझकर) राजा जनकजीको जना दिया। तब दोनों अपने हृदयोंमें सीताजीके शील और स्वभावकी सराहना करने लगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 584 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कहति न सीय सकुचि मन माहीं। इहाँ बसब रजनीं भल नाहीं।।
English explanation
Out of modesty Sita did not say it aloud, but thought that staying here overnight would not be proper.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहति | कहती थीं | said |
| न | नहीं | not |
| सीय | सीता | Sita |
| सकुचि | संकोच करके | being shy |
| मन | मन | her mind |
| माहीं | में | within |
| इहाँ | यहाँ | here |
| बसब | रहना | to stay |
| रजनीं | रात में | overnight |
| भल | उचित | proper |
| नाहीं | नहीं है | is not |
2 लखि रुख रानि जनायउ राऊ। हृदयँ सराहत सीलु सुभाऊ।।
English explanation
Recognizing Sita’s wish, the queen informed the king, while inwardly appreciating Sita’s modest conduct and disposition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखि | पहचानकर | recognizing |
| रुख | इच्छा; मनोभाव | wish; inclination |
| रानि | रानी सुनयना ने | Queen Sunayana |
| जनायउ | बता दिया | informed |
| राऊ | राजा जनक को | King Janaka |
| हृदयँ | हृदय में | inwardly |
| सराहत | सराहते हुए | appreciating |
| सीलु | शील; मर्यादित आचरण | modesty; virtuous conduct |
| सुभाऊ | सुंदर स्वभाव | gracious disposition |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.287
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 584
- सहायक विषय
- कौसल्या-सुनयना-संवाद, श्रीसीताजीका शील
- मुद्रित पृष्ठ
- 583, 584
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।