अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि प्रनाम तिन्ह रामु निहारे। बेषु देखि भए निपट दुखारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउन्होंने [आकर] प्रणाम करके श्रीरामचन्द्रजीको देखा। उनका [मुनियोंका-सा] वेष देखकर वे बहुत ही दुखी हुए। मुनिश्रेष्ठ वसिष्ठजीने दूतोंसे बात पूछी कि राजा जनकका कुशल- समाचार कहो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 569 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
करि प्रनाम तिन्ह रामु निहारे। बेषु देखि भए निपट दुखारे।।
दूतन्ह मुनिबर बूझी बाता। कहहु बिदेह भूप कुसलाता।।
स्रोत अभिलेख 2.27 · पुस्तक पृ. 568, 569
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि प्रनाम तिन्ह रामु निहारे। बेषु देखि भए निपट दुखारे।।
English explanation
After bowing, the messengers looked at Rama. Seeing his attire, they became deeply distressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| प्रनाम | प्रणाम | a reverent bow |
| तिन्ह | उन दूतों ने | those messengers |
| रामु | राम को | Rama |
| निहारे | देखा | looked at |
| बेषु | वेश | attire |
| देखि | देखकर | seeing |
| भए | हो गए | became |
| निपट | अत्यंत | extremely |
| दुखारे | दुखी | distressed |
2 दूतन्ह मुनिबर बूझी बाता। कहहु बिदेह भूप कुसलाता।।
English explanation
The eminent sage Vasistha asked the messengers, ‘Tell us of the well-being of the king of Videha.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूतन्ह | दूतों से | of the messengers |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि वसिष्ठ ने | the eminent sage Vasistha |
| बूझी | पूछी | asked |
| बाता | बात | the matter |
| कहहु | बताओ | tell us |
| बिदेह | विदेह देश के | of Videha |
| भूप | राजा जनक की | of King Janaka |
| कुसलाता | कुशलता | well-being |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 569
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 568, 569
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।