अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि प्रनामु सब कहँ कर जोरे। रामु राउ गुर साधु निहोरे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभरतजीने प्रणाम करके सबके प्रति हाथ जोड़े तथा श्रीरामचन्द्रजी, राजा जनकजी, गुरु वसिष्ठजी और साधु-संत सबसे विनती की और कहा—आज मेरे इस अत्यन्त अनुचित बर्तावको क्षमा कीजियेगा। मैं कोमल (छोटे) मुखसे कठोर (धृष्टतापूर्ण) वचन कह रहा हूँ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 592 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
करि प्रनामु सब कहँ कर जोरे। रामु राउ गुर साधु निहोरे।।
छमब आजु अति अनुचित मोरा। कहउँ बदन मृदु बचन कठोरा।।
स्रोत अभिलेख 2.297 · पुस्तक पृ. 592, 592
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि प्रनामु सब कहँ कर जोरे। रामु राउ गुर साधु निहोरे।।
English explanation
After bowing to everyone, Bharata joined his hands and appealed to Rama, King Janaka, the preceptor, and the holy men.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| प्रनामु | प्रणाम | a reverent bow |
| सब | सभी | everyone |
| कहँ | को | to |
| कर | हाथ | hands |
| जोरे | जोड़ लिए | joined together |
| रामु | श्रीराम से | to Rama |
| राउ | राजा जनक से | to King Janaka |
| गुर | गुरु से | to the preceptor |
| साधु | साधुजनों से | to the holy men |
| निहोरे | विनती की | appealed |
2 छमब आजु अति अनुचित मोरा। कहउँ बदन मृदु बचन कठोरा।।
English explanation
Please forgive my very improper conduct today: with a gentle mouth, I speak harsh words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छमब | क्षमा कीजिए | please forgive |
| आजु | आज | today |
| अति | अत्यंत | very |
| अनुचित | अनुचित व्यवहार | improper conduct |
| मोरा | मेरा | my |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I speak |
| बदन | मुख से | with my mouth |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बचन | वचन | words |
| कठोरा | कठोर | harsh |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.297
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 592
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 592, 592
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।