अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि कुरूप बिधि परबस कीन्हा। बवा सो लुनिअ लहिअ जो दीन्हा।।
मूल पाठ
करि कुरूप बिधि परबस कीन्हा। बवा सो लुनिअ लहिअ जो दीन्हा।।
कोउ नृप होउ हमहि का हानी। चेरि छाड़ि अब होब कि रानी।।
स्रोत अभिलेख 2.16 · पुस्तक पृ. 356, 357
भावार्थ
मूल पाठ के बादविधाताने कुरूप बनाकर मुझे परवश कर दिया! [दूसरेको क्या दोष] जो बोया सो काटती हूँ, दिया सो पाती हूँ। कोई भी राजा हो, हमारी क्या हानि है? दासी छोड़कर क्या अब मैं रानी होऊँगी! (अर्थात् रानी तो होनेसे रही)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 356 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 करि कुरूप बिधि परबस कीन्हा। बवा सो लुनिअ लहिअ जो दीन्हा।।
English explanation
The Creator made me ugly and dependent on others. One reaps what one has sown and receives what one has given.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | बनाकर | having made |
| कुरूप | कुरूप | ugly |
| बिधि | विधाता | the Creator |
| परबस | दूसरों के अधीन | dependent on others |
| कीन्हा | कर दिया | made |
| बवा | जो बोया | what was sown |
| सो | वही | that same |
| लुनिअ | काटा जाता है | is reaped |
| लहिअ | पाया जाता है | is received |
| जो | जो | what |
| दीन्हा | दिया | was given |
2 कोउ नृप होउ हमहि का हानी। चेरि छाड़ि अब होब कि रानी।।
English explanation
Whoever becomes king, what loss is it to me? Will I now cease to be a maidservant and become a queen?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोउ | कोई भी | whoever |
| नृप | राजा | king |
| होउ | हो जाए | may become |
| हमहि | मुझे | to me |
| का | क्या | what |
| हानी | हानि | loss; harm |
| चेरि | दासी का पद | maidservant's status |
| छाड़ि | छोड़कर | leaving behind |
| अब | अब | now |
| होब | मैं हो जाऊँगी | shall I become |
| कि | क्या | whether; will |
| रानी | रानी | queen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 356
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 356, 357
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।