अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि राम सबहि समुझावा। गुर पद पदुम हरषि सिरु नावा।
मूल पाठ
एहि बिधि राम सबहि समुझावा। गुर पद पदुम हरषि सिरु नावा।
गनपती गौरि गिरीसु मनाई। चले असीस पाइ रघुराई।।
स्रोत अभिलेख 2.81 · पुस्तक पृ. 410, 411
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार श्रीरामजीने सबको समझाया और हॢषत होकर गुरुजीके चरणकमलोंमें सिर नवाया। फिर गणेशजी, पार्वतीजी और कैलासपति महादेवजीको मनाकर तथा आशीर्वाद पाकर श्रीरघुनाथजी चले॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 410 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि बिधि राम सबहि समुझावा। गुर पद पदुम हरषि सिरु नावा।
English explanation
AI-generated draft: Thus Rama reassured everyone and joyfully bowed his head at his guru’s lotus feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| सबहि | सबको | everyone |
| समुझावा | समझाया; ढाढ़स दिया | explained and reassured |
| गुर | गुरु के | of the guru |
| पद | चरण | feet |
| पदुम | कमल | lotuses |
| हरषि | प्रसन्न होकर | joyfully |
| सिरु | सिर | head |
| नावा | झुकाया | bowed |
2 गनपती गौरि गिरीसु मनाई। चले असीस पाइ रघुराई।।
English explanation
Having worshipped Ganesha, Gauri, and Shiva and received blessings, Rama, lord of the Raghu lineage, set out.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गनपती | गणेश को | Ganesha |
| गौरि | गौरी, पार्वती को | Gauri, the goddess Parvati |
| गिरीसु | गिरिश, शिव को | Shiva, lord of the mountain |
| मनाई | पूजकर; प्रसन्न करके | having worshipped and propitiated |
| चले | चल पड़े | set out |
| असीस | आशीर्वाद | blessings |
| पाइ | पाकर | having received |
| रघुराई | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.81
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 410
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 410, 411
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।