अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ रघुराजु बिराजा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दएक समय रघुकुलके राजा दशरथजी अपने सारे समाजसहित राजसभामें विराजमान थे। महाराज समस्त पुण्योंकी मूॢत हैं, उन्हें श्रीरामचन्द्रजीका सुन्दर यश सुनकर अत्यन्त आनन्द हो रहा है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 345 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ रघुराजु बिराजा।।
सकल सुकृत मूरति नरनाहू। राम सुजसु सुनि अतिहि उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 2.2 · पुस्तक पृ. 345, 345
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ रघुराजु बिराजा।।
English explanation
Once, Dasharatha, king of the Raghu line, sat in the royal court with the entire assembly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| समय | समय; अवसर | time; occasion |
| सब | समस्त | all; entire |
| सहित | के साथ | together with |
| समाजा | सभा के लोग | assembly; gathered courtiers |
| राजसभाँ | राजसभा में | in the royal court |
| रघुराजु | रघुकुल के राजा दशरथ | Dasharatha, king of the Raghu line |
| बिराजा | विराजमान थे | sat in state |
2 सकल सुकृत मूरति नरनाहू। राम सुजसु सुनि अतिहि उछाहू।।
English explanation
King Dasharatha, the embodiment of all merit, was greatly delighted on hearing Rama’s noble fame.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | समस्त | all |
| सुकृत | पुण्य; शुभ कर्म | merit; virtuous deeds |
| मूरति | मूर्ति; साकार रूप | embodiment |
| नरनाहू | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| राम | राम की | of Rama |
| सुजसु | उत्तम कीर्ति | noble fame |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| अतिहि | अत्यंत ही | very greatly |
| उछाहू | आनंद और उत्साह | delight and enthusiasm |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 345
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 345, 345
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