अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बिधातहिं दूषनु देंहीं। सुधा देखाइ दीन्ह बिषु जेहीं।।
मूल पाठ
एक बिधातहिं दूषनु देंहीं। सुधा देखाइ दीन्ह बिषु जेहीं।।
खरभरु नगर सोचु सब काहू। दुसह दाहु उर मिटा उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 2.49 · पुस्तक पृ. 384, 384
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोई एक विधाताको दोष देते हैं, जिसने अमृत दिखाकर विष दे दिया। नगरभरमें खलबली मच गयी, सब किसीको सोच हो गया। हृदयमें दु:सह जलन हो गयी, आनन्द-उत्साह मिट गया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 384 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एक बिधातहिं दूषनु देंहीं। सुधा देखाइ दीन्ह बिषु जेहीं।।
English explanation
AI draft: Some blame the Creator, who showed them nectar but gave them poison.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | कुछ लोग | some people |
| बिधातहिं | विधाता को | the Creator |
| दूषनु | दोष | blame |
| देंहीं | देते हैं | give |
| सुधा | अमृत | nectar |
| देखाइ | दिखाकर | having shown |
| दीन्ह | दे दिया | gave |
| बिषु | विष | poison |
| जेहीं | जिसने | who |
2 खरभरु नगर सोचु सब काहू। दुसह दाहु उर मिटा उछाहू।।
English explanation
The city is in turmoil; everyone grieves. An unbearable anguish burns in their hearts, and their enthusiasm has vanished.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खरभरु | खलबली | turmoil |
| नगर | नगर में | in the city |
| सोचु | शोक और चिंता | grief and anxiety |
| सब | सब | every |
| काहू | किसी को | person |
| दुसह | असह्य | unbearable |
| दाहु | जलन; संताप | burning anguish |
| उर | हृदय में | in the heart |
| मिटा | मिट गया | vanished |
| उछाहू | उत्साह | enthusiasm |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.49
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 384
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 384, 384
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।