अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक कलस भरि आनहिं पानी। अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।।
मूल पाठ
एक कलस भरि आनहिं पानी। अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।।
सुनि प्रिय बचन प्रीति अति देखी। राम कृपाल सुसील बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 2.115 · पुस्तक पृ. 439, 439
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोई घड़ा भरकर पानी ले आते हैं और कोमल वाणीसे कहते हैं—नाथ! आचमन तो कर लीजिये। उनके प्यारे वचन सुनकर और उनका अत्यन्त प्रेम देखकर दयालु और परम सुशील श्रीरामचन्द्रजीने—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 439 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 एक कलस भरि आनहिं पानी। अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।।
English explanation
AI draft rendering: Some bring a pot filled with water and say gently, “Lord, please drink.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | कुछ लोग | some people |
| कलस | कलश; पानी का पात्र | water pot |
| भरि | भरकर | having filled |
| आनहिं | लाते हैं | bring |
| पानी | पानी | water |
| अँचइअ | जल ग्रहण कीजिए | please drink water |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| मृदु | कोमल; मधुर | gentle; sweet |
| बानी | वाणी में | in speech |
2 सुनि प्रिय बचन प्रीति अति देखी। राम कृपाल सुसील बिसेषी।।
English explanation
Hearing their affectionate words, Rama perceived their deep love; he is compassionate and exceptionally gracious.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रिय | प्रिय; स्नेहपूर्ण | dear; affectionate |
| बचन | वचन | words |
| प्रीति | प्रेम | love |
| अति | अत्यधिक | very great |
| देखी | देखा; अनुभव किया | perceived |
| राम | श्रीराम | Rama, the prince of Ayodhya |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| सुसील | सुशील; सौम्य स्वभाव वाले | gracious; gentle-natured |
| बिसेषी | विशेष रूप से | especially; exceptionally |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.115
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 439
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 439, 439
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।