अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एकहिं बार आस सब पूजी। अब कछु कहब जीभ करि दूजी।।
मूल पाठ
एकहिं बार आस सब पूजी। अब कछु कहब जीभ करि दूजी।।
फोरै जोगु कपारु अभागा। भलेउ कहत दुख रउरेहि लागा।।
स्रोत अभिलेख 2.16 · पुस्तक पृ. 356, 357
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[मन्थराने कहा—] सारी आशाएँ तो एक ही बार कहनेमें पूरी हो गयीं। अब तो दूसरी जीभ लगाकर कुछ कहूँगी। मेरा अभागा कपाल तो फोडऩे ही योग्य है, जो अच्छी बात कहनेपर भी आपको दु:ख होता है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 356 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एकहिं बार आस सब पूजी। अब कछु कहब जीभ करि दूजी।।
English explanation
AI-draft meaning: All my hopes have been fulfilled at once! If I say anything now, it will be as though with a different tongue.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकहिं | एक ही | one single |
| बार | बार में | occasion; at once |
| आस | आशाएँ | hopes |
| सब | सभी | all |
| पूजी | पूरी हो गईं | were fulfilled |
| अब | अब | now |
| कछु | कुछ | anything |
| कहब | मैं कहूँगी | I shall say |
| जीभ | जीभ | tongue |
| करि | बनाकर | having made |
| दूजी | दूसरी | another; different |
2 फोरै जोगु कपारु अभागा। भलेउ कहत दुख रउरेहि लागा।।
English explanation
My unfortunate head deserves to be broken; even when I spoke for your good, you took offense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फोरै | फोड़ने के | to be broken |
| जोगु | योग्य | worthy; deserving |
| कपारु | माथा | head; forehead |
| अभागा | अभागा | ill-fated |
| भलेउ | भली बात भी | even something beneficial |
| कहत | कहते हुए | while saying |
| दुख | दुःख | hurt; offense |
| रउरेहि | आपको | to you |
| लागा | हुआ | was felt |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 356
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 356, 357
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।