अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आनहु रामहि बेगि बोलाई। समाचार तब पूँछेहु आई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुम जल्दी रामको बुला लाओ। तब आकर समाचार पूछना। राजाका रुख जानकर सुमन्त्रजी चले, समझ गये कि रानीने कुछ कुचाल की है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 376 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
आनहु रामहि बेगि बोलाई। समाचार तब पूँछेहु आई।।
चलेउ सुमंत्र राय रूख जानी। लखी कुचालि कीन्हि कछु रानी।।
स्रोत अभिलेख 2.39 · पुस्तक पृ. 376, 376
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आनहु रामहि बेगि बोलाई। समाचार तब पूँछेहु आई।।
English explanation
AI draft: Quickly summon Rama and bring him here; then come and ask about the situation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आनहु | ले आओ | bring here |
| रामहि | राम को | Rama, the prince |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| बोलाई | बुलाकर | having summoned |
| समाचार | हाल-चाल; स्थिति का समाचार | news of the situation |
| तब | तब | then |
| पूँछेहु | पूछना | ask |
| आई | आकर | having come |
2 चलेउ सुमंत्र राय रूख जानी। लखी कुचालि कीन्हि कछु रानी।।
English explanation
Understanding the king’s intent, Sumantra set out. He realized that the queen had contrived some mischief.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलेउ | चले | set out |
| सुमंत्र | राजा के मंत्री सुमंत्र | Sumantra, the king’s minister |
| राय | राजा का | the king’s |
| रूख | रुख; अभिप्राय | intent; disposition |
| जानी | जानकर | having understood |
| लखी | समझ लिया | perceived |
| कुचालि | बुरी चाल | a wrongful scheme |
| कीन्हि | की है; चली है | had contrived |
| कछु | कोई; कुछ | some |
| रानी | रानी कैकेयी ने | Queen Kaikeyi |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 376
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 376, 376
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।