अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आगें दीखि जरत रिस भारी। मनहुँ रोष तरवारि उघारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रचण्ड क्रोधसे जलती हुई कैकेयी सामने इस प्रकार दिखायी पड़ी, मानो क्रोधरूपी तलवार नंगी (म्यानसे बाहर) खड़ी हो। कुबुद्धि उस तलवारकी मूठ है, निष्ठुरता धार है और वह कुबरी (मन्थरा) रूपी सानपर धरकर तेज की हुई है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 369 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
आगें दीखि जरत रिस भारी। मनहुँ रोष तरवारि उघारी।।
मूठि कुबुद्धि धार निठुराई। धरी कूबरीं सान बनाई।।
स्रोत अभिलेख 2.31 · पुस्तक पृ. 369, 370
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 आगें दीखि जरत रिस भारी। मनहुँ रोष तरवारि उघारी।।
English explanation
AI draft: Before him, Kaikeyi appeared burning with intense anger, as though anger itself were a drawn sword.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आगें | सामने | before him |
| दीखि | दिखाई दीं | appeared |
| जरत | जलती हुई | burning |
| रिस | क्रोध में | with anger |
| भारी | प्रचंड | intense |
| मनहुँ | मानो | as though |
| रोष | क्रोध | anger |
| तरवारि | तलवार | a sword |
| उघारी | म्यान से निकली हुई | drawn from its sheath |
2 मूठि कुबुद्धि धार निठुराई। धरी कूबरीं सान बनाई।।
English explanation
That sword's hilt was misguided judgment and its edge was cruelty; the hunchbacked Manthara had sharpened it on a whetstone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मूठि | तलवार की मूठ | the sword's hilt |
| कुबुद्धि | दुर्बुद्धि | misguided judgment |
| धार | तलवार की धार | the sword's edge |
| निठुराई | निष्ठुरता | cruelty |
| धरी | सान पर रखी | placed on the whetstone |
| कूबरीं | कुबड़ी मंथरा ने | by the hunchbacked Manthara |
| सान | धार तेज करने का पत्थर | a whetstone |
| बनाई | पैना किया | sharpened |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 369
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 369, 370
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।