अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि अति सकुचे रघुराऊ। मुनि पुलके लखि सीलु सुभाऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऐसा कहकर श्रीरघुनाथजी अत्यन्त ही सकुचा गये। उनका शील-स्वभाव देखकर [प्रेम और आनन्दसे] मुनि वसिष्ठजी पुलकित हो गये। [उन्होंने खुलकर कहा—] हे राम! तुम्हारे बिना [घर-बार आदि] सम्पूर्ण सुखोंके साज दोनों राजसमाजोंको नरकके समान हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 586 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अस कहि अति सकुचे रघुराऊ। मुनि पुलके लखि सीलु सुभाऊ।।
तुम्ह बिनु राम सकल सुख साजा। नरक सरिस दुहु राज समाजा।।
स्रोत अभिलेख 2.29 · पुस्तक पृ. 586, 586
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अस कहि अति सकुचे रघुराऊ। मुनि पुलके लखि सीलु सुभाऊ।।
English explanation
Having said this, Rama became deeply hesitant. Seeing his gracious character and disposition, the sage thrilled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| कहि | कहकर | having said |
| अति | अत्यंत | greatly |
| सकुचे | संकोच में पड़ गए | became hesitant |
| रघुराऊ | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| मुनि | मुनि वसिष्ठ | the sage Vasishtha |
| पुलके | पुलकित हुए | thrilled with joy |
| लखि | देखकर | seeing |
| सीलु | शील | gracious character |
| सुभाऊ | स्वभाव | disposition |
2 तुम्ह बिनु राम सकल सुख साजा। नरक सरिस दुहु राज समाजा।।
English explanation
Rama, without you, all the arrangements for comfort are like hell to both royal assemblies.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | तुम्हारे | you |
| बिनु | बिना | without |
| राम | हे राम | O Rama |
| सकल | सारी | all |
| सुख | सुख की | for comfort |
| साजा | व्यवस्था | arrangements |
| नरक | नरक | hell |
| सरिस | के समान | like |
| दुहु | दोनों | both |
| राज | राजकीय | royal |
| समाजा | समाजों के लिए | for the assemblies |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 586
- सहायक विषय
- जनक-सुनयना-संवाद, भरतजीकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 586, 586
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।