अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अवनिप अकनि रामु पगु धारे। धरि धीरजु तब नयन उघारे।।
मूल पाठ
अवनिप अकनि रामु पगु धारे। धरि धीरजु तब नयन उघारे।।
सचिवँ सँभारि राउ बैठारे। चरन परत नृप रामु निहारे।।
स्रोत अभिलेख 2.44 · पुस्तक पृ. 380, 380
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब राजाने सुना कि श्रीरामचन्द्र पधारे हैं तो उन्होंने धीरज धरके नेत्र खोले। मन्त्रीने सँभालकर राजाको बैठाया। राजाने श्रीरामचन्द्रजीको अपने चरणोंमें पड़ते (प्रणाम करते) देखा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 380 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अवनिप अकनि रामु पगु धारे। धरि धीरजु तब नयन उघारे।।
English explanation
AI draft: King Dasharatha heard that Rama had arrived; then, gathering composure, he opened his eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवनिप | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| अकनि | सुनकर | having heard |
| रामु | राम ने | Rama |
| पगु | कदम | a step |
| धारे | रखा; आ पहुँचे | set down; arrived |
| धरि | धारण करके | gathering |
| धीरजु | धैर्य | composure |
| तब | तब | then |
| नयन | आँखें | eyes |
| उघारे | खोलीं | opened |
2 सचिवँ सँभारि राउ बैठारे। चरन परत नृप रामु निहारे।।
English explanation
The minister supported the king and seated him. The king saw Rama bowing at his feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सचिवँ | मंत्री ने | the minister |
| सँभारि | सँभालकर; सहारा देकर | supporting |
| राउ | राजा दशरथ को | King Dasharatha |
| बैठारे | बैठाया | seated |
| चरन | चरणों में | at the feet |
| परत | झुकते हुए | bowing down |
| नृप | राजा ने | the king |
| रामु | राम को | Rama |
| निहारे | देखा | saw |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.44
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 380
- सहायक विषय
- श्रीराम-कैकेयी-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 380, 380
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।