अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अवध तहाँ जहँ राम निवासू। तहँइँ दिवसु जहँ भानु प्रकासू।।
मूल पाठ
अवध तहाँ जहँ राम निवासू। तहँइँ दिवसु जहँ भानु प्रकासू।।
जौ पै सीय रामु बन जाहीं। अवध तुम्हार काजु कछु नाहिं।।
स्रोत अभिलेख 2.74 · पुस्तक पृ. 404, 405
भावार्थ
मूल पाठ के बादजहाँ श्रीरामजीका निवास हो वहीं अयोध्या है। जहाँ सूर्यका प्रकाश हो वहीं दिन है। यदि निश्चय ही सीता-राम वनको जाते हैं तो अयोध्यामें तुम्हारा कुछ भी काम नहीं है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 404 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अवध तहाँ जहँ राम निवासू। तहँइँ दिवसु जहँ भानु प्रकासू।।
English explanation
Ayodhya is wherever Rama dwells, just as day is wherever the sun shines.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| तहाँ | वहाँ | there |
| जहँ | जहाँ | where |
| राम | श्रीराम | Rama |
| निवासू | निवास है | dwells |
| तहँइँ | वहीं | there alone |
| दिवसु | दिन है | it is day |
| जहँ | जहाँ | where |
| भानु | सूर्य | the sun |
| प्रकासू | प्रकाश है | shines |
2 जौ पै सीय रामु बन जाहीं। अवध तुम्हार काजु कछु नाहिं।।
English explanation
If Sita and Rama go to the forest, you have no purpose left in Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| पै | निश्चय ही; यदि के साथ बल देने वाला अव्यय | indeed; reinforces the condition |
| सीय | सीता | Sita |
| रामु | श्रीराम | Rama |
| बन | वन को | to the forest |
| जाहीं | जाते हैं | go |
| अवध | अयोध्या में | in Ayodhya |
| तुम्हार | तुम्हारा | your |
| काजु | काम या प्रयोजन | business or purpose |
| कछु | कुछ भी | any |
| नाहिं | नहीं है | there is none |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 404
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 404, 405
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।