अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अजहुँ हृदय जरत तेहि आँचा। रिस परिहास कि साँचेहुँ साँचा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसकी आँचसे अब भी मेरा हृदय जल रहा है। यह दिल्लगीमें, क्रोधमें अथवा सचमुच ही (वास्तवमें) सच्चा है? क्रोधको त्यागकर रामका अपराध तो बता। सब कोई तो कहते हैं कि राम बड़े ही साधु हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 370 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अजहुँ हृदय जरत तेहि आँचा। रिस परिहास कि साँचेहुँ साँचा।।
कहु तजि रोषु राम अपराधू। सबु कोउ कहइ रामु सुठि साधू।।
स्रोत अभिलेख 2.32 · पुस्तक पृ. 370, 371
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अजहुँ हृदय जरत तेहि आँचा। रिस परिहास कि साँचेहुँ साँचा।।
English explanation
My heart still burns from its heat. Was this said in anger, in jest, or is it truly meant?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजहुँ | अभी भी | even now |
| हृदय | हृदय | heart |
| जरत | जल रहा है | is burning |
| तेहि | उसी की | of that |
| आँचा | आँच से | from the burning heat |
| रिस | क्रोध में | in anger |
| परिहास | हँसी-मजाक में | in jest |
| कि | या | or |
| साँचेहुँ | सचमुच ही | really indeed |
| साँचा | सच्चा, गंभीर अभिप्राय वाला | true, seriously intended |
2 कहु तजि रोषु राम अपराधू। सबु कोउ कहइ रामु सुठि साधू।।
English explanation
Set aside your anger and tell me what wrong Rama has done. Everyone says Rama is very virtuous.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहु | बताओ | tell me |
| तजि | छोड़कर | setting aside |
| रोषु | क्रोध | anger |
| राम | राम का | Rama’s |
| अपराधू | अपराध | offense |
| सबु | सब | every |
| कोउ | कोई व्यक्ति | person |
| कहइ | कहता है | says |
| रामु | राम | Rama |
| सुठि | बहुत | very |
| साधू | सज्जन, सदाचारी | good and virtuous |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 370
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 370, 371
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।