अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अजहुँ जासु उर सपनेहुँ काऊ। बसहुँ लखनु सिय रामु बटाऊ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआज भी जिसके हृदयमें स्वप्रमें भी कभी लक्ष्मण, सीता, राम तीनों बटोही आ बसें, तो वह भी श्रीरामजीके परमधामके उस मार्गको पा जायगा जिस मार्गको कभी कोई बिरले ही मुनि पाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 446 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अजहुँ जासु उर सपनेहुँ काऊ। बसहुँ लखनु सिय रामु बटाऊ।।
राम धाम पथ पाइहि सोई। जो पथ पाव कबहुँ मुनि कोई।।
स्रोत अभिलेख 2.124 · पुस्तक पृ. 446, 447
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अजहुँ जासु उर सपनेहुँ काऊ। बसहुँ लखनु सिय रामु बटाऊ।।
English explanation
AI draft: Even now, anyone in whose heart Lakshmana, Sita, and Rama dwell as travelers, even once in a dream—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजहुँ | आज भी | even now |
| जासु | जिसके | whose |
| उर | हृदय में | in the heart |
| सपनेहुँ | स्वप्न में भी | even in a dream |
| काऊ | कभी | ever; at any time |
| बसहुँ | बस जाएँ | come to dwell |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| रामु | राम | Rama |
| बटाऊ | पथिक रूप में | as travelers |
2 राम धाम पथ पाइहि सोई। जो पथ पाव कबहुँ मुनि कोई।।
English explanation
That person will find the path to Rama’s abode, a path that a sage attains only on rare occasions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम के | Rama’s |
| धाम | धाम का | to the abode |
| पथ | मार्ग | path |
| पाइहि | पाएगा | will attain |
| सोई | वही व्यक्ति | that very person |
| जो | जिस | which |
| पथ | मार्ग को | path |
| पाव | पाता है | attains |
| कबहुँ | कभी; विरले ही | ever; only rarely |
| मुनि | मुनि | sage |
| कोई | कोई | some; any |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.124
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 446
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 446, 447
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।