अरण्यकाण्ड · दोहा 8 · दोहा/सोरठा
सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद तनु स्याम।
सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद तनु स्याम।
मम हियँ बसहु निरंतर सगुनरुप श्रीराम।।8।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 3.8 · पुस्तक पृ. 629, 630
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद तनु स्याम।
हे प्रभु, सीता और छोटे भाई लक्ष्मण सहित, आपका शरीर नीले मेघ के समान श्याम है।
English explanation
O Lord, accompanied by Sita and your younger brother Lakshmana, your body is dark like a blue rain cloud.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीता | सीता | Sita, Rama’s wife |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| समेत | सहित | together with |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| नील | नीला | blue |
| जलद | मेघ | rain cloud |
| तनु | शरीर | body |
| स्याम | श्याम वर्ण का | dark-hued |
2 मम हियँ बसहु निरंतर सगुनरुप श्रीराम।।8।।
हे श्रीराम, अपने सगुण रूप में मेरे हृदय में सदा निवास कीजिए।
English explanation
O Shri Rama, dwell forever in my heart in your manifest form with attributes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे | my |
| हियँ | हृदय में | in the heart |
| बसहु | निवास कीजिए | dwell |
| निरंतर | सदा | continually |
| सगुनरुप | गुणों और साकार रूप से युक्त स्वरूप में | in your manifest form with attributes |
| श्रीराम | हे श्रीराम | O revered Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 8
- स्रोत अभिलेख
- 3.8
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका आगे प्रस्थान, विराध-वध और शरभङ्ग-प्रसङ्ग
- मुद्रित पृष्ठ
- 629, 630
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।