अरण्यकाण्ड · दोहा 37 (ख) · दोहा/सोरठा
देखि गयउ भ्राता सहित तासु दूत सुनि बात।
मूल पाठ
देखि गयउ भ्राता सहित तासु दूत सुनि बात।
डेरा कीन्हेउ मनहुँ तब कटकु हटकि मनजात।।37(ख)।।
स्रोत अभिलेख 3.37 · पुस्तक पृ. 669, 670
भावार्थ
मूल पाठ के बादपरन्तु जब उसका दूत यह देख गया कि मैं भाईके साथ हूँ (अकेला नहीं हूँ), तब उसकी बात सुनकर कामदेवने मानो सेनाको रोककर डेरा डाल दिया है॥ ३७ (ख)॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 670 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखि गयउ भ्राता सहित तासु दूत सुनि बात।
English explanation
His messenger saw me with my brother and returned; hearing his report—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| गयउ | लौट गया | went back |
| भ्राता | भाई लक्ष्मण | my brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | with |
| तासु | उसका, कामदेव का | his, Cupid’s |
| दूत | संदेशवाहक | messenger |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बात | बात; समाचार | report |
2 डेरा कीन्हेउ मनहुँ तब कटकु हटकि मनजात।।37(ख)।।
English explanation
It was as though Cupid then halted his army and pitched camp.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| डेरा | पड़ाव | camp |
| कीन्हेउ | बनाया; डाला | established; pitched |
| मनहुँ | मानो | as though |
| तब | तब | then |
| कटकु | सेना | army |
| हटकि | रोककर | having halted |
| मनजात | मन से उत्पन्न कामदेव | Cupid, the mind-born god of desire |
| ख | पद-संदर्भ का अक्षर ‘ख’ | verse-reference marker ‘ख’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 37 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 3.37
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 670
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 669, 670
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।