अरण्यकाण्ड · दोहा 29 (ख) · दोहा/सोरठा
जेहि बिधि कपट कुरंग सँग धाइ चले श्रीराम।
जेहि बिधि कपट कुरंग सँग धाइ चले श्रीराम।
सो छबि सीता राखि उर रटति रहति हरिनाम।।29(ख)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 3.29 · पुस्तक पृ. 658, 660
भावार्थ और शब्दार्थ
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1 जेहि बिधि कपट कुरंग सँग धाइ चले श्रीराम।
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2 सो छबि सीता राखि उर रटति रहति हरिनाम।।29(ख)।।
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स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 29 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 3.29
- सहायक विषय
- जटायु-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 658, 660
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।