अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
महि परत उठि भट भिरत मरत न करत माया अति घनी।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दयोद्धा पृथ्वीपर गिर पड़ते हैं, फिर उठकर भिड़ते हैं। मरते नहीं, बहुत प्रकारकी अतिशय माया रचते हैं। देवता यह देखकर डरते हैं कि प्रेत [राक्षस] चौदह हजार हैं और अयोध्यानाथ श्रीरामजी अकेले हैं। देवता और मुनियोंको भयभीत देखकर मायाके स्वामी प्रभुने एक बड़ा कौतुक किया, जिससे शत्रुओंकी सेना एक-दूसरेको रामरूप देखने लगी और आपसमें ही युद्ध करके लड़ मरी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 648 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
महि परत उठि भट भिरत मरत न करत माया अति घनी।
सुर डरत चौदह सहस प्रेत बिलोकि एक अवध धनी।।
सुर मुनि सभय प्रभु देखि मायानाथ अति कौतुक कर् यो।
देखहि परसपर राम करि संग्राम रिपुदल लरि मर् यो।।
स्रोत अभिलेख 3.2 · पुस्तक पृ. 646, 648
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 महि परत उठि भट भिरत मरत न करत माया अति घनी।
English explanation
The warriors fall to the earth, rise, and fight again; they do not die and work exceedingly powerful illusions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महि | धरती पर | to the earth |
| परत | गिरते हैं | fall |
| उठि | उठकर | rising |
| भट | योद्धा | warriors |
| भिरत | भिड़ते हैं | clash in combat |
| मरत | मरते हैं | die |
| न | नहीं | not |
| करत | करते हैं | perform |
| माया | मायावी छल | illusions |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| घनी | प्रबल; घनी | powerful; dense |
2 सुर डरत चौदह सहस प्रेत बिलोकि एक अवध धनी।।
English explanation
The gods are afraid, seeing fourteen thousand fiendish beings facing the lord of Ayodhya alone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | gods |
| डरत | डरते हैं | are afraid |
| चौदह | चौदह | fourteen |
| सहस | हजार | thousand |
| प्रेत | प्रेत; यहाँ राक्षस-सैन्य | fiends; here the demon host |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| एक | अकेले | alone |
| अवध | अयोध्या के | of Ayodhya |
| धनी | स्वामी राम | Lord Rama |
3 सुर मुनि सभय प्रभु देखि मायानाथ अति कौतुक कर् यो।
English explanation
Seeing the gods and sages afraid, the Lord, master of illusion, performed a remarkable wonder.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं को | the gods |
| मुनि | मुनियों को | the sages |
| सभय | भयभीत | afraid |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| देखि | देखकर | seeing |
| मायानाथ | माया के स्वामी | master of illusion |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| कौतुक | अद्भुत कौतुक | a wondrous feat |
| कर् | किया—क्रिया का आरंभिक अंश | performed—initial verb fragment |
| यो | भूतकालीन क्रिया का अंतिम अंश | final past-tense verb fragment |
4 देखहि परसपर राम करि संग्राम रिपुदल लरि मर् यो।।
English explanation
They see one another as Rama; the enemy army fought among itself and perished.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहि | देखते हैं | see |
| परसपर | एक-दूसरे को | one another |
| राम | राम के रूप में | as Rama |
| करि | करके | engaging in |
| संग्राम | युद्ध | battle |
| रिपुदल | शत्रुओं का दल | the enemy army |
| लरि | लड़कर | having fought |
| मर् | मर गया—क्रिया का आरंभिक अंश | perished—initial verb fragment |
| यो | भूतकालीन क्रिया का अंतिम अंश | final past-tense verb fragment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 648
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 646, 648
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।