अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
सर सक्ति तोमर परसु सूल कृपान एकहि बारहीं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअनगिनत राक्षस क्रोध करके बाण, शक्ति, तोमर, फरसा, शूल और कृपाण एक ही बारमें श्रीरघुवीरपर छोडऩे लगे। प्रभुने पलभरमें शत्रुओंके बाणोंको काटकर, ललकारकर उनपर अपने बाण छोड़े। सब राक्षस-सेनापतियोंके हृदयमें दस-दस बाण मारे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 648 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सर सक्ति तोमर परसु सूल कृपान एकहि बारहीं।
करि कोप श्रीरघुबीर पर अगनित निसाचर डारहीं।।
प्रभु निमिष महुँ रिपु सर निवारि पचारि डारे सायका।
दस दस बिसिख उर माझ मारे सकल निसिचर नायका।।
स्रोत अभिलेख 3.2 · पुस्तक पृ. 646, 648
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सर सक्ति तोमर परसु सूल कृपान एकहि बारहीं।
English explanation
Arrows, spears, javelins, battle-axes, tridents, and swords—all at once—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सर | बाण | arrows |
| सक्ति | शक्ति नामक भाला | spears |
| तोमर | तोमर; फेंकने के भाले | javelins |
| परसु | युद्ध-कुल्हाड़े | battle-axes |
| सूल | त्रिशूल | tridents |
| कृपान | तलवारें | swords |
| एकहि | एक ही | one single |
| बारहीं | बार में | occasion; at once |
2 करि कोप श्रीरघुबीर पर अगनित निसाचर डारहीं।।
English explanation
Countless demons angrily hurl these weapons at Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having made |
| कोप | क्रोध | anger |
| श्रीरघुबीर | श्रीराम, रघुकुल के वीर | Rama, hero of Raghu’s line |
| पर | पर | at |
| अगनित | असंख्य | countless |
| निसाचर | राक्षस | demons |
| डारहीं | फेंकते हैं | hurl |
3 प्रभु निमिष महुँ रिपु सर निवारि पचारि डारे सायका।
English explanation
In a blink, the Lord warded off the enemies’ arrows, challenged them, and released his own shafts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| निमिष | पलक झपकने जितने समय | a blink |
| महुँ | में | in |
| रिपु | शत्रुओं के | the enemies’ |
| सर | बाण | arrows |
| निवारि | रोककर | warding off |
| पचारि | ललकारकर | challenging |
| डारे | छोड़े | released |
| सायका | बाण | shafts |
4 दस दस बिसिख उर माझ मारे सकल निसिचर नायका।।
English explanation
He struck every demon commander with ten arrows in the middle of the chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दस | दस | ten |
| दस | दस; प्रत्येक को दस | ten each |
| बिसिख | बाण | arrows |
| उर | छाती के | of the chest |
| माझ | बीच में | in the middle |
| मारे | मारे | shot into |
| सकल | सभी | all |
| निसिचर | राक्षसों के | demon |
| नायका | सेनानायकों को | commanders |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 648
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 646, 648
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।