अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।
मूल पाठ
जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।
दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड सर मंडन मही॥
पाथोद गात सरोज मुख राजीव आयत लोचनं।
नित नौमि रामु कृपाल बाहु बिसाल भव भय मोचनं॥
स्रोत अभिलेख 3.32 · पुस्तक पृ. 663, 663
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रामजी! आपकी जय हो। आपका रूप अनुपम है, आप निर्गुण हैं, सगुण हैं और सत्य ही गुणोंके (मायाके) प्रेरक हैं। दस सिरवाले रावणकी प्रचण्ड भुजाओंको खण्ड-खण्ड करनेके लिये प्रचण्ड बाण धारण करनेवाले, पृथ्वीको सुशोभित करनेवाले, जलयुक्त मेघके समान श्याम शरीरवाले, कमलके समान मुख और [लाल] कमलके समान विशाल नेत्रोंवाले, विशाल भुजाओंवाले और भव-भयसे छुड़ानेवाले कृपालु श्रीरामजीको मैं नित्य नमस्कार करता हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 663 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।
English explanation
Glory to Rama of incomparable form! You are beyond qualities, possess qualities, and are truly their impeller.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | glory to |
| राम | हे भगवान राम | O Lord Rama |
| रूप | स्वरूप | form |
| अनूप | अनुपम | incomparable |
| निर्गुन | गुणों से परे | beyond qualities |
| सगुन | गुणों से युक्त | endowed with qualities |
| गुन | प्रकृति के गुणों के | of nature’s qualities |
| प्रेरक | प्रेरणा और गति देने वाले | impeller |
| सही | निश्चय ही | truly |
2दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड सर मंडन मही॥
English explanation
You sever the mighty arms of ten-headed Ravana, wield fierce arrows, and adorn the earth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दससीस | दस सिर वाले रावण की | of ten-headed Ravana |
| बाहु | भुजाओं का | arms |
| प्रचंड | अत्यंत बलशाली | mighty |
| खंडन | खंडन करने वाले | severer |
| चंड | प्रचंड | fierce |
| सर | बाण | arrows |
| मंडन | भूषण | adornment |
| मही | पृथ्वी के | of the earth |
3पाथोद गात सरोज मुख राजीव आयत लोचनं।
English explanation
Your body resembles a rain cloud, your face a lotus, and your elongated eyes lotuses.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाथोद | मेघ के समान | like a rain cloud |
| गात | शरीर | body |
| सरोज | कमल के समान | lotus-like |
| मुख | मुख | face |
| राजीव | कमल के समान | lotus-like |
| आयत | लंबे और विस्तृत | elongated and wide |
| लोचनं | नेत्रों वाले | having eyes |
4नित नौमि रामु कृपाल बाहु बिसाल भव भय मोचनं॥
English explanation
I daily bow to compassionate Rama, whose arms are mighty and who releases one from the fear of worldly existence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | नित्य | daily |
| नौमि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow to |
| रामु | भगवान राम को | Lord Rama |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| बाहु | भुजाएँ | arms |
| बिसाल | विशाल | mighty |
| भव | संसार का | of worldly existence |
| भय | भय | fear |
| मोचनं | मुक्त करने वाले | liberator from |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 663
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका विलाप, जटायुका प्रसंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 663, 663
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।