अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
उर सीस भुज कर चरन। जहँ तहँ लगे महि परन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनकी छाती, सिर, भुजा, हाथ और पैर जहाँ-तहाँ पृथ्वीपर गिरने लगे। बाण लगते ही वे हाथीकी तरह चिग्घाड़ते हैं। उनके पहाड़के समान धड़ कट-कटकर गिर रहे हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 647 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
उर सीस भुज कर चरन। जहँ तहँ लगे महि परन।।
चिक्करत लागत बान। धर परत कुधर समान।।
स्रोत अभिलेख 3.2 · पुस्तक पृ. 646, 648
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 उर सीस भुज कर चरन। जहँ तहँ लगे महि परन।।
English explanation
Chests, heads, arms, hands, and feet began falling here and there upon the earth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उर | छातियाँ | chests |
| सीस | सिर | heads |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| कर | हाथ | hands |
| चरन | पैर | feet |
| जहँ | जहाँ | here |
| तहँ | तहाँ; वहाँ | and there |
| लगे | लगे | began |
| महि | धरती पर | upon the earth |
| परन | गिरने | to fall |
2 चिक्करत लागत बान। धर परत कुधर समान।।
English explanation
As arrows strike, they scream and fall upon the ground like mountains.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चिक्करत | चीखते हैं | scream |
| लागत | लगने पर | upon striking |
| बान | बाण | arrows |
| धर | धरती पर | on the ground |
| परत | गिरते हैं | fall |
| कुधर | पर्वत | mountains |
| समान | के समान | like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 647
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 646, 648
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।