अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
स्वागत पूँछि निकट बैठारे। लछिमन सादर चरन पखारे।।
मूल पाठ
स्वागत पूँछि निकट बैठारे। लछिमन सादर चरन पखारे।।
स्रोत अभिलेख 3.41 · पुस्तक पृ. 673, 674
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर स्वागत (कुशल) पूछकर पास बैठा लिया। लक्ष्मणजीने आदरके साथ उनके चरण धोये॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 674 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 स्वागत पूँछि निकट बैठारे। लछिमन सादर चरन पखारे।।
English explanation
Rama welcomed Narada, asked after his welfare, and seated him nearby; Lakshmana respectfully washed his feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्वागत | स्वागत और कुशल-क्षेम | welcome and welfare |
| पूँछि | पूछकर | having asked |
| निकट | पास | nearby |
| बैठारे | बैठाया | seated him |
| लछिमन | लक्ष्मण ने | Lakshmana |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| चरन | नारद के चरण | Narada’s feet |
| पखारे | धोए | washed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 674
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 673, 674
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।