अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सेवक सुख चह मान भिखारी। ब्यसनी धन सुभ गति बिभिचारी।।
मूल पाठ
सेवक सुख चह मान भिखारी। ब्यसनी धन सुभ गति बिभिचारी।।
लोभी जसु चह चार गुमानी। नभ दुहि दूध चहत ए प्रानी।।
स्रोत अभिलेख 3.17 · पुस्तक पृ. 641, 643
भावार्थ
मूल पाठ के बादसेवक सुख चाहे, भिखारी सम्मान चाहे, व्यसनी (जिसे जूए, शराब आदिका व्यसन हो) धन और व्यभिचारी शुभगति चाहे, लोभी यश चाहे और अभिमानी चारों फल—अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चाहे, तो ये सब प्राणी आकाशको दुहकर दूध लेना चाहते हैं (अर्थात् असम्भव बातको सम्भव करना चाहते हैं)॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 642 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सेवक सुख चह मान भिखारी। ब्यसनी धन सुभ गति बिभिचारी।।
English explanation
A servant desires happiness, a beggar honor, an addict wealth, and an adulterer a blessed destiny—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सेवक | सेवक | a servant |
| सुख | सुख | happiness |
| चह | चाहता है | desires |
| मान | सम्मान | honor |
| भिखारी | भिखारी | a beggar |
| ब्यसनी | व्यसन में पड़ा व्यक्ति | an addict; a person given to vice |
| धन | धन | wealth |
| सुभ | शुभ | auspicious; blessed |
| गति | गति, अंतिम कल्याण | destiny; final well-being |
| बिभिचारी | व्यभिचारी | an adulterer |
2 लोभी जसु चह चार गुमानी। नभ दुहि दूध चहत ए प्रानी।।
English explanation
The greedy desire fame and the proud the four aims of life; these people seek milk by milking the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लोभी | लोभी व्यक्ति | a greedy person |
| जसु | यश | fame; good reputation |
| चह | चाहता है | desires |
| चार | चारों पुरुषार्थ | the four aims of life |
| गुमानी | अभिमानी व्यक्ति | a proud person |
| नभ | आकाश को | the sky |
| दुहि | दुहकर | by milking |
| दूध | दूध | milk |
| चहत | चाहते हैं | seek |
| ए | ये | these |
| प्रानी | प्राणी, लोग | people; beings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 642
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 641, 643
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।