अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सीता चरन चौंच हति भागा। मूढ़ मंदमति कारन कागा।।
मूल पाठ
सीता चरन चौंच हति भागा। मूढ़ मंदमति कारन कागा।।
चला रुधिर रघुनायक जाना। सींक धनुष सायक संधाना।।
स्रोत अभिलेख 3.1 · पुस्तक पृ. 620, 620
भावार्थ
मूल पाठ के बादवह मूढ़, मन्दबुद्धि कारणसे (भगवान्के बलकी परीक्षा करनेके लिये) बना हुआ कौआ सीताजीके चरणोंमें चोंच मारकर भागा। जब रक्त बह चला, तब श्रीरघुनाथजीने जाना और धनुषपर सींक (सरकंडे)का बाण सन्धान किया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 620 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सीता चरन चौंच हति भागा। मूढ़ मंदमति कारन कागा।।
English explanation
He struck Sita's foot with his beak and fled—a fool of dull understanding, a crow in his conduct as well.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीता | सीता के | Sita's |
| चरन | चरण में | on the foot |
| चौंच | चोंच से | with his beak |
| हति | मारकर | having struck |
| भागा | भाग गया | fled |
| मूढ़ | मूर्ख | foolish |
| मंदमति | मंदबुद्धि | dull-witted |
| कारन | कर्म से, करनी में | in conduct |
| कागा | कौआ | a crow |
2 चला रुधिर रघुनायक जाना। सींक धनुष सायक संधाना।।
English explanation
Blood began to flow; Rama, leader of the Raghu lineage, perceived this and fitted a slender straw to his bow as an arrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चला | बहने लगा | began to flow |
| रुधिर | रक्त | blood |
| रघुनायक | रघुवंश के नायक राम ने | Rama, leader of the Raghu lineage |
| जाना | जान लिया | perceived |
| सींक | सींक, पतला तिनका | a slender straw |
| धनुष | धनुष पर | on the bow |
| सायक | बाण के रूप में | as an arrow |
| संधाना | चढ़ाया, संधान किया | fitted for shooting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 620
- सहायक विषय
- जयन्तकी कुटिलता और फलप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 620, 620
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।